विज्ञापन

मकसूद आलम की रिपोर्ट
विज्ञापन

विज्ञापन

पाकुड़-नगर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही बंद घरों में चोरी की घटनाओं का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उपरोक्त जानकारी पुलिस कप्तान अनुदीप सिंह ने पत्रकारों को दी हैं. एसपी ने बताया सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं और प्रारंभिक जांच में कई चोरी की वारदातों में उनकी संलिप्तता सामने आई है।
लगातार हो रही थीं चोरी की घटनाएं–
29 जून 2026 की रात शिवीपहाड़ में दो बंद घरों, 27 जून को बस स्टैंड के पीछे स्थित एक मकान तथा 6 जून को अन्नपूर्णा कॉलोनी में चोरी की घटनाओं ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी थी। चोर बंद मकानों को निशाना बनाकर ताला तोड़ते थे और सोने-चांदी के जेवर, लैपटॉप, नकदी व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता—
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
बरामद हुआ चोरी का सामान—
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया,जिसमें 7.06 ग्राम सोना,97.620 ग्राम चांदी,एक Yamaha R15 मोटरसाइकिल,एक Dell लैपटॉप (चार्जर सहित)कांसे के बर्तन,पुराने नोट एवं सिक्के,चोरी में प्रयुक्त बेडशीट, पेचकस, सब्बल, सरिया रेंच और चेहरा ढकने के लिए इस्तेमाल गमछे।
कौन कौन हुए गिरफ्तार…
जायदुल शेख उर्फ लड्डो शेख,शरीफ शेख उर्फ मिठू शेख,ईशा शेख उर्फ मोटो ईशा शेख,रोयस मिर्जा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं.चारों आरोपी मालदा (पश्चिम बंगाल) के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया—
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से चोरी,डकैती,हथियार अधिनियम, एनडीपीएस और अन्य गंभीर मामलों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।
जांच अभी जारी—
पुलिस का मानना है कि गिरोह ने पाकुड़ सहित आसपास के इलाकों में कई अन्य चोरी की घटनाओं को भी अंजाम दिया हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस शेष फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पाकुड़ में चोरी करने पहुंचे थे शातिर अपराधी,मालदा समेत कई थानों में पहले से दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले—
नगर थाना क्षेत्र में लगातार हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये पहली बार अपराध की दुनिया में नहीं उतरे थे,बल्कि विभिन्न थानों में पहले से कई गंभीर मामलों के आरोपी रह चुके हैं।
रोयस मिर्जा पर सबसे अधिक मामले दर्ज–
गिरफ्तार रोयस मिर्जा (38 वर्ष) के खिलाफ पाकुड़ नगर थाना में वर्ष 2026 के चार चोरी के कांड दर्ज हैं। इसके अलावा कालियाचक थाना (मालदा) में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट,मारपीट एवं अन्य गंभीर मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज है। उसके खिलाफ कई पुराने स्पेशल ट्रायल मामले भी लंबित बताए गए हैं।
शरीफ शेख उर्फ मिठू शेख का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड–
शरीफ शेख उर्फ मिठू शेख (32 वर्ष) के खिलाफ पाकुड़ नगर थाना में चोरी के चार मामलों के अलावा कालियाचक थाना में चोरी एवं अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं। वहीं मालदा टाउन जीआरपी थाना में रेलवे क्षेत्र में अपराध से जुड़े मामले भी दर्ज हैं।
जायदुल शेख उर्फ लड्डो शेख भी कई मामलों का आरोपी–
जायदुल शेख उर्फ लड्डो शेख (35 वर्ष) के खिलाफ पाकुड़ नगर थाना में चोरी के चार मामले दर्ज हैं। इसके अलावा हरीपुर थाना,कालियाचक थाना, किशनगंज थाना तथा रघुनाथगंज थाना में भी उसके विरुद्ध विभिन्न आपराधिक कांड दर्ज हैं।
ईशा शेख उर्फ मोटो ईशा शेख–
ईशा शेख (28 वर्ष) के खिलाफ भी पाकुड़ नगर थाना में वर्ष 2026 के चोरी के दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
किन-किन थानों में दर्ज हैं मामले–
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के विरुद् पाकुड़ नगर थाना (झारखंड)कालियाचक थाना,मालदा (पश्चिम बंगाल),मालदा टाउन जीआरपी थाना (पश्चिम बंगाल),हरीपुर थाना,
किशनगंज थाना (बिहार),
रघुनाथगंज थाना (पश्चिम बंगाल)
सीमावर्ती राज्यों में फैला था नेटवर्क–
आपराधिक रिकॉर्ड से यह संकेत मिलता है कि गिरोह की गतिविधियां केवल पाकुड़ तक सीमित नहीं थीं। झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में इनकी सक्रियता की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं।अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य लंबित चोरी के मामलों का भी खुलासा करने में जुटी है।


