मकसूद आलम@समाचार चक्र
पाकुड़-नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय अब ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। हिरणपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ सामूहिक अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के दौरान ग्रामीणों ने तीन युवकों को कथित तौर पर एविल नामक दवा का इंजेक्शन लेते हुए पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
नशे के लिए दवा का इंजेक्शन लेने का आरोप—
ग्रामीणों के अनुसार, तीनों युवक कथित तौर पर दवा को इंजेक्शन के जरिए शरीर में ले रहे थे। ग्रामीणों ने मौके पर उन्हें पकड़ लिया और पूछताछ के बाद हिरणपुर पुलिस को सौंप दिया।हालांकि, दवा का इस्तेमाल नशे के लिए ही किया जा रहा था या नहीं,इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

गांव का फैसला-पहली बार समझाइश, बार-बार तो सख्ती-–
ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एक सामूहिक रणनीति बनाई है। उनका कहना है कि पहली बार नशा करते पकड़े जाने पर युवक को समझाइश देकर सुधार का मौका दिया जाएगा। लेकिन बार-बार नशे की गिरफ्त में आने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।
अब पुलिस खंगालेगी नशे के नेटवर्क की कड़ी—
तीनों युवकों के पुलिस के हवाले किए जाने के बाद अब सवाल यह है कि एविल जैसी दवा उन्हें कहां से मिली और इसका इस्तेमाल नशे के लिए कौन करा रहा है? पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि दवा की अवैध बिक्री या नशे के लिए उसके दुरुपयोग का कोई नेटवर्क सामने आता है, तो कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों की मुहिम ने खींचा ध्यान—
रानीपुर में शुरू हुई यह पहल सिर्फ तीन युवकों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए गांव स्तर पर निगरानी और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।नशे के खिलाफ ग्रामीणों का संदेश साफ है,पहले समझाएंगे,सुधार का मौका देंगे,लेकिन गांव की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेंगे।

