समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का कुनबा पाकुड़ में अपने पैर तेजी से पसार रहा है। केंद्रीय नेतृत्व ने पाकुड़ का मैदान संभालते हुए स्थानीय टीम के साथ चुनावी व सांगठनिक रणनीति पर गहरा मंथन किया। इस दौरे का सीधा मकसद जमीनी हकीकत को परखना और शिक्षा से लेकर आदिवासी समाज के हक की लड़ाई को धार देना रहा।
क्लास रूम से बस्तियों तक, समस्याओं का लिया सीधा जायजा
सीजेपी के केंद्रीय और स्थानीय नेताओं का जत्था केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टीम ने सीधे प्राथमिक विद्यालय मनीरामपुर और एनपीएस केतकापाड़ा का अचानक निरीक्षण किया। इसके साथ ही आदिवासी बहुल इलाकों में घर-घर जाकर लोगों की बुनियादी समस्याओं, पानी-सड़क की स्थिति और स्थानीय चुनौतियों को करीब से समझा। ईस्ट जोन प्रभारी अंकित भारद्वाज, असलम भाई और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष रंजन सहित केंद्रीय समिति के करीब 10 दिग्गज नेता टीम में शामिल थे। पाकुड़ से परवेज आलम, साहिल शेख, शमसुद्दीन अंसारी, इंजमुल हक, शरीफ शेख, जिया शेख के साथ-साथ इलाके के कई कंटेंट क्रिएटर्स भी शामिल हुए।
आंदोलन की बनी रणनीति, डिजिटल स्ट्राइक से सड़क के संग्राम तक
निरीक्षण के दौरान जो खामियां और स्थानीय मुद्दे उजागर हुए हैं, उन्हें दबाया नहीं जाएगा। सीजेपी ने साफ कर दिया है कि पहले चरण में इन मुद्दों को लेकर एक बड़ा ऑनलाइन कैंपेन छेड़ा जाएगा। अगर प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो पाकुड़ की सड़कों पर जोरदार लोकतांत्रिक प्रदर्शन होगा, जिसकी कमान सीधे सीजेपी की केंद्रीय टीम संभालेगी।

