समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। पुलिस लाइन के पास संचालित ‘परिवार नर्सिंग होम’ पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत की गई है, क्योंकि नर्सिंग होम में स्वास्थ्य मानकों का पालन नहीं हो रहा था और दस्तावेजों व पंजीकरण का सही रख-रखाव नहीं पाया गया।
क्या था पूरा मामला
दरअसल 25 अगस्त को परिवार नर्सिंग होम में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान पहले तो जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। इसके बाद 19 साल की प्रसूता की भी मौत हो गई। लिट्टीपाड़ा ब्लॉक के मुरजोरा गांव की 19 वर्षीय प्रसूता चंपामुनि मरिया को ऑपरेशन के लिए परिवार नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने प्रसूता का सिजेरियन ऑपरेशन किया। जिसमें तीन जिंदगियां खत्म हो गई। ऑपरेशन के दौरान महिला के दो नवजात शिशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। जिसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने से उसने भी दम तोड़ दिया।
जांच रिपोर्ट में खुली पोल
सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण संथालिया द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने जब जांच की, तो नर्सिंग होम में कई गंभीर कमियां और लापरवाही पाई गई। जिसके आधार पर लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई।
सिविल सर्जन का कड़ा आदेश, अब संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध
सिविल सर्जन द्वारा जारी लिखित आदेश के अनुसार, नर्सिंग होम में अब किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सेवा, मरीजों की भर्ती, प्रसव, ऑपरेशन या अन्य गतिविधियों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अल्टीमेटम
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रतिबंध के बावजूद नर्सिंग होम का संचालन जारी रखा जाता है, तो संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
