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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-भल्लभपुर-भवानीपुर मार्ग पर स्थित पुल को निर्माण कार्य के नाम पर तोड़ दिया गया,लेकिन नया पुल बनाने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। पुल टूटने के बाद हजारों ग्रामीणों का सीधा संपर्क पाकुड़ शहर से लगभग कट गया है। अब लोगों को शहर पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल तोड़ने से पहले न तो वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की गई और न ही प्रशासन ने आम लोगों की परेशानी को समझने की कोशिश की। परिणाम यह हुआ कि रोजाना शहर आने-जाने वाले छात्र, मरीज,किसान और छोटे व्यवसायियों की जिंदगी मुश्किलों में घिर गई है।ग्रामीणों के अनुसार पहले जहां लोग कुछ ही मिनटों में पाकुड़ शहर पहुंच जाते थे,वहीं अब लंबा चक्कर लगाकर सफर करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो गई है। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल तोड़ने के बाद संवेदक और विभाग दोनों गायब हो गए हैं।लोगों का कहना है कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होता है, लेकिन यहां बिना योजना के पुल तोड़कर हजारों लोगों को परेशानी में धकेल दिया गया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब नया निर्माण तुरंत शुरू नहीं करना था तो आखिर पुल को तोड़ने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई।स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब निर्माण कार्य शुरू कर वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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