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मकसूद आलम
पाकुड़-त्याग,कुर्बानी, मोहब्बत और भाईचारे का पर्व ईद उल अज़हा (बकरीद) जिलेभर में शांति,सौहार्द और अमन के साथ मनाया गया।जिले के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने अल्लाह की इबादत कर देश और समाज में अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।बकरीद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। जिले की उपायुक्त मेघा भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह लगातार सुरक्षा व्यवस्था का पल-पल जायजा लेते रहे।

दोनों वरीय अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में तैनात दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए।वहीं अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी एवं जवानों के साथ शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए। अधिकारियों ने नमाज स्थलों के आसपास पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक व्यवस्था एवं संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी का जायजा लिया।प्रशासन की ओर से जिलेभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख चौक-चौराहों, ईदगाहों एवं मस्जिदों के पास पुलिस बल,क्विक रिस्पॉन्स टीम तथा गश्ती दल तैनात रहे.अधिकारियों ने आमलोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।बकरीद के मौके पर जिलेभर में उत्साह, भाईचारा और सौहार्द का अनोखा दृश्य देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया और लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर ईद की खुशियां साझा कीं।
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नमाज के बाद अदा की गई क़ुरबानी, गरीबों और दोस्तों के बीच बांटा गया गोश्त-—
जिलेभर में ईद उल अज़हा का पर्व धार्मिक आस्था,भाईचारे और इंसानियत के साथ मनाया गया। ईदगाहों एवं मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुन्नत के अनुसार बकरे की क़ुरबानी दी।क़ुरबानी के बाद गोश्त को इस्लामी परंपरा के अनुसार तीन हिस्सों में बांटा गया।एक हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा गया,जबकि दो हिस्से गरीब,जरूरतमंदों एवं दोस्तों के बीच वितरित किए गए।लोगों ने जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर क़ुरबानी का गोश्त बांटा और इंसानियत एवं भाईचारे का संदेश दिया।इस मौके पर लोगों ने कहा कि ईद उल अज़हा सिर्फ क़ुरबानी का पर्व नहीं,

बल्कि त्याग, मोहब्बत और एक-दूसरे की मदद करने का पैगाम देता है।पर्व के दौरान बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।जिलेभर में प्रशासन की सतर्कता एवं लोगों के सहयोग से बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।


