ललन झा@समाचार चक्र
अमड़ापाड़ा। अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक – बिशनपुर की अगुवाई में नॉर्थ कोल ब्लॉक में मंगलवार को दूसरे दिन भी कोयला खनन,परिवहन और अन्य खनन गतिविधियां पूर्णतः बाधित हैं। आशय स्पष्ट है विस्थापित ग्रामीण अबतक आधारभूत नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं। विस्थापितों को एक बेहतर शिक्षण संस्थान, सुविधायुक्त हॉस्पिटल, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान, नौकरी में सही वेतनमान, योग्यता के मुताबिक नौकरी की कमी खल रही है। अलावे इसके बिशनपुर मौजा में कोयला खनन कार्य कर चुके भूमि का समतलीकरण व उन्हें पुनः खेती योग्य बनाना आदि ग्रामीण रैयतों या विस्थापितों की मुख्य मांग हैं। इससे पूर्व भी नागरिक सुविधा बहाली व अन्य मांगों को लेकर ग्रामीण या समिति कोयला खनन व परिवहन कार्य कई दफा बाधित कर चुके हैं। पिछले चक्का जाम में प्रबुद्ध विस्थापित कंपनी या प्रशासन अथवा संबद्ध विभाग द्वारा भू अधिग्रहण के विधिवत साक्ष्य व मुआवजा भुगतान के कागजात भी जिला प्रशासन से मांग चुके हैं। सिर्फ आश्वासनों और भरोसों पर काम होता रहा है। विस्थापित आर ऐंड आर रूल, माइनिंग एक्ट अथवा सरकारी नियमानुसार के तहत मिलने वाली सुविधाओं की मांग भी करते रहे हैं। इस दफा की बंदी भी उपरोक्त असंतोष का परिणाम है। हालांकि जारी इस चक्का जाम को सुचारू कराने, कोयला परिवहन और खनन को शुरू करने को ले परियोजना क्षेत्र में विस्थापित ग्रामीण, रैयत, प्रबुद्ध आदि के साथ समझाने-बुझाने और मनाने का प्रशासनिक प्रयास जारी है।

