Homeपाकुड़दुमकाडांगा चौक हादसा: तेज रफ्तार,लापरवाही या कुछ और!
Maqsood Alam
(News Head)

दुमकाडांगा चौक हादसा: तेज रफ्तार,लापरवाही या कुछ और!

Gunjan Saha
(Desk Head)

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नाज़िर हुसैन@समाचार चक्र

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पाकुड़ -जिले के महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य सड़क पर स्थित दुमकाडांगा चौक के समीप सोमवार देर शाम हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में 15 वर्षीय राजवीर राय की मौत हो गई,जबकि उसका साथी 14 वर्षीय नयन सिंह गंभीर रूप से घायल होकर रामपुरहाट में जीवन और मौत से जूझ रहा है. प्रारंभिक जांच में अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर की बात सामने आई है,लेकिन इस घटना ने सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला—

पुलिस के अनुसार बाइक संख्या जेएच16के8013 पर सवार राजवीर राय और नयन सिंह देवीनगर की ओर जा रहे थे।इसी दौरान दुमकाडांगा चौक के पास एक अज्ञात ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों किशोर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर महेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशपुर लाया गया।अस्पताल में चिकित्सक डॉ. अंजनी भगत ने राजवीर राय को मृत घोषित कर दिया, जबकि नयन सिंह की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।

जांच के घेरे में कई पहलू—

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर कौन सा था और वह मौके से फरार कैसे हो गया?

जांच में पुलिस निम्न बिंदुओं पर काम कर रही है—

दुर्घटना के समय सड़क पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ।

आसपास के संभावित सीसीटीवी फुटेज की तलाश।

ट्रैक्टर के आवागमन और स्थानीय रूट की जानकारी जुटाना।

दुर्घटना के समय बाइक की गति और दिशा का पता लगाना।

नाबालिगों की बाइक सवारी पर भी सवाल

मृतक और घायल दोनों की उम्र क्रमश 15 और 14 वर्ष बताई गई है।ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि नाबालिग किशोर बाइक लेकर सड़क पर कैसे निकले?क्या अभिभावकों की ओर से लापरवाही हुई या क्षेत्र में यातायात नियमों के पालन को लेकर निगरानी कमजोर है?

दुमकाडांगा चौक पहले भी रहा है संवेदनशील–

स्थानीय लोगों का कहना है कि महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।कई स्थानों पर गति नियंत्रण के पर्याप्त उपाय नहीं हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सड़क पर स्पीड ब्रेकर,चेतावनी संकेतक और नियमित पुलिस गश्त की मांग की है।

पुलिस क्या कहती है–

थाना प्रभारी रवि शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फरार वाहन की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि दोषी वाहन चालक की पहचान होते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सबसे बड़ा सवाल–

एक मासूम की जान चली गई, दूसरा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। लेकिन सवाल अब भी बाकी है,क्या यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना थी,या फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी ने एक किशोर की जान ले ली?

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