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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़। वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) सौरभ चंद्रा के निर्देश पर मंगलवार को वन विभाग की टीम सियार हमले के पीड़ित परिवारों से मिलने लखीनारायणपुर गांव पहुंची। इस टीम में वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) बबलू कुमार देहरी मुख्य रूप से शामिल थे। उन्होंने अपनी टीम के साथ सियार के हमले से मृत एवं घायल बच्चों के परिवारों से मिले। पीड़ित परिवारों से हमले की जानकारी हासिल की। वन विभाग की टीम ने दर्दनाक घटनाओं पर सहानुभूति जताई। रेंजर एवं टीम में शामिल कर्मियों ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दिलाया। ग्रामीणों को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। इस दौरान रेंजर बबलू कुमार देहरी ने सियार के हमले से मृत बच्ची अफीफा खातून के परिवार को तत्काल 50 हजार रुपए का मुआवजा मुहैया कराया। इसके साथ ही घायल सदीकुल शेख के परिवार को भी 5,000 रुपए का मुआवजा दिया। वहीं रहसपुर गांव के सियार हमले के पीड़ित घायल अजफारूल शेख को भी 5,000 रुपए का मुआवजा दिया। रेंजर बबलू कुमार देहरी ने कहा कि वन विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। आज रात्रि में भी वन विभाग की टीम लखीनारायणपुर में रहेगी। पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग करेगी। बता दें कि गत शुक्रवार की रात करीब 3:00 बजे घर में मां के साथ सो रही तीन माह की बच्ची अफीफा खातून को सियार उठाकर ले गया था। बच्ची के शव का कुछ ही अवशेष बचा हुआ था, जो एक झाड़ी में पड़ा मिला था। इसके बाद उसी रात सगी बहन चार साल की बच्ची को भी जख्मी कर दिया था। इसके बाद सियार के हमले लगातार जारी रहा। जिसमें कई बच्चे जख्मी हो गए। इस मामले को वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरव चंद्रा ने गंभीरता से लिया और अपनी टीम को गांव भेजा। वहीं टीम में खालिदा खातून, जिब्रान अली एवं अन्य वनकर्मी मौजूद थे।
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