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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़-विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के करीब दो वर्षों बाद जेल से बाहर आने की खबर फैलते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के कई इलाकों में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मिठाई बांटकर,आतिशबाजी कर और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया।कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद उनके नेता की वापसी हुई है,जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।कई स्थानों पर समर्थकों ने जुलूस निकालकर नारेबाजी भी की।लोगों का कहना है कि पूर्व मंत्री की वापसी से क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” बताते हुए कहा कि अब क्षेत्र में संगठन और मजबूत होगा।वहीं दूसरी ओर,राजनीतिक विरोधियों में इस घटनाक्रम को लेकर मायूसी भी देखी गई। कई लोग इसे आने वाले चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्व मंत्री आलमगीर की रिहाई से पाकुड़ विधानसभा की सियासत में नया मोड़ आ सकता है।ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक दिनभर इस खबर की चर्चा होती रही। चाय दुकानों, चौक-चौराहों और बाजारों में लोग इसी मुद्दे पर बातचीत करते नजर आए। समर्थकों के बीच जहां उत्साह का माहौल है,वहीं विरोधी खेमे में ग़म और मायूसी साफ देखी जा रही हैं.राजनीतिक रणनीति को लेकर मंथन शुरू हो गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसका असर क्षेत्र की राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे सकता है।बहरहाल पाकुड़ विधानसभा सहित झारखंड में एक अलग छाप रखने वाले नेता आलमगीर आलम का जलवा अब पहले से अधिक देखने को मिल सकता है.
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