Homeपाकुड़48 घंटे में हत्या का खुलासा,जंगल में मिली लाश,दो आरोपी गिरफ्तार
Maqsood Alam
(News Head)

48 घंटे में हत्या का खुलासा,जंगल में मिली लाश,दो आरोपी गिरफ्तार

पत्थर से कुचलकर की गई थी हत्या,पुलिस की एसआईटी ने सुलझाई गुत्थी

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़। जंगल में सड़ी-गली हालत में मिले एक शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।किसी को अंदाजा नहीं था कि आखिर यह शव किसका है और उसकी हत्या क्यों की गई।लेकिन पाकुड़ पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।उपरोक्त जानकारी देते हुए पुलिस कप्तान अनुदीप सिंह ने पत्रकारों को बताया की 28 मई 2026 को लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के बड़ा चटकम जंगल में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया।

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पहचान बनी जांच की पहली कड़ी—-

जांच के दौरान पुलिस ने शव की पहचान गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र निवासी करीब 35 वर्षीय सुनील पहाड़िया के रूप में की।शव सड़-गल चुका था,जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लेकर अपराधियों तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया।

तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र ने खोला राज—

एसआईटी ने लगातार छापेमारी अभियान चलाया और जुटाए गए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी—

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है,जिनमे जलिया पहाड़िया (28 वर्ष), बड़ा चटकम, लिट्टीपाड़ा एवं धर्मा पहाड़िया (30 वर्ष), बड़ा चटकम, लिट्टीपाड़ा

हत्या के पीछे क्या था कारण?—

पुलिस ने अभी हत्या के कारणों का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। हालांकि जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश,आपसी विवाद या कोई अन्य कारण था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई बनी चर्चा का विषय—

घटना के महज 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर ऐसे मामलों के खुलासे में लंबा समय लग जाता है,लेकिन इस मामले में एसआईटी की सक्रियता और तकनीकी जांच ने अपराधियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

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