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Maqsood Alam
(News Head)

ईद की खुशियों में घुली इंसानियत की मिठास, पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर गरीबों संग लुत्फ़ल हक ने बांटा निःशुल्क भोजन

ईद की असली खुशी नए कपड़ों और पकवानों में नहीं,बल्कि किसी भूखे के चेहरे पर मुस्कान लाने में है।गरीबों के साथ खुशियां बांटकर दिल को सच्चा सुकून मिलता है-लुत्फ़ल हक

Gunjan Saha
(Desk Head)

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समाचार चक्र संवाददाता

पाकुड़-ईद-उल-अज़हा का पर्व जहां एक ओर त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर इस पर्व की असली रौनक जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने में दिखाई देती है। इसी भावना को साकार करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता लुत्फ़ल हक ने पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले तीन वर्षों से लगातार संचालित निःशुल्क भोजन सेवा कार्यक्रम में शामिल होकर गरीब,असहाय एवं यात्रियों के बीच भोजन वितरण किया।ईद की खुशियों के बीच जब रेलवे स्टेशन पर मौजूद जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन परोसा गया,तो उनके चेहरों पर दिखी मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।इस अवसर पर लुत्फ़ल हक ने स्वयं लोगों के बीच जाकर भोजन वितरित किया और उनका हालचाल भी जाना।उन्होंने कहा कि ईद केवल अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ खुशियां मनाने का नाम नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी इन खुशियों में शामिल करना हमारी जिम्मेदारी है। गरीबों और जरूरतमंदों के साथ ईद की खुशियां बांटने में जो सुकून मिलता है, वह किसी और चीज़ में नहीं मिलता। गौरतलब है कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर पिछले तीन वर्षों से लगातार निःशुल्क भोजन कार्यक्रम चलाया जा रहा है,जिसमें प्रतिदिन जरूरतमंदों,बेसहारा लोगों एवं यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह सेवा मानवता और सामाजिक समर्पण की एक अनूठी मिसाल बन चुकी है।ईद के अवसर पर आयोजित इस विशेष भोजन वितरण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस पहल की सराहना की।लोगों का कहना था कि त्योहार की वास्तविक खुशी तभी पूरी होती है, जब समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को भी उसमें बराबर की भागीदारी मिले।मौके पर राणा शुक्ला मौजूद थे.

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