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समाचार चक्र संवाददाता
पाकुड़।जिले के निबंधन कार्यालय में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से निबंधन पदाधिकारी का पद खाली रहने के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीमारियों के इलाज, बच्चों की शिक्षा,शादी-विवाह तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए जमीन बेचने या खरीदने वाले लोग कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है।जानकारी के अनुसार,निबंधन पदाधिकारी अजय सिंह बड़ाईक तीन जून 2026 को अपने मूल पदस्थापन पर वापस चले गए। उनके जाने के बाद से अब तक किसी वैकल्पिक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है।परिणामस्वरूप चार जून से निबंधन कार्यालय में निबंधन संबंधी कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है।
जिले के डीड राइटरों के पास सैकड़ों डीड लंबित पड़े हैं। जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों का कहना है कि वे आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी जमीन का निबंधन कराना चाहते हैं,लेकिन पदाधिकारी नहीं रहने के कारण उनका कार्य अटका हुआ है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।डीड राइटरों का कहना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।वहीं लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।स्थानीय लोगों,डीड राइटरों तथा जमीन कारोबार से जुड़े लोगों ने उपायुक्त से अविलंब किसी सक्षम पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर निबंधन कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं,बल्कि आम जनता की जरूरतों और अधिकारों से जुड़ा विषय है।
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क्या कहते है आमलोग…
जमीन रजिस्ट्री के लिए आ रहे लोगों ने कहा की जब जिले में रोजाना करोड़ों रुपये के जमीन संबंधी लेन-देन होते हैं,तो निबंधन कार्यालय को बिना पदाधिकारी के कैसे छोड़ा जा सकता है?अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और नई उपायुक्त पर टिकी हैं कि जनता की इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।

